शुभदिन पंचांग · shubhdinpanchang.com · देवकोट्टई
आज का पंचांग — देवकोट्टई
आगे
आज का पंचांग — रविवार, 27 सितंबर
तिथि कृष्ण प्रतिपदा 8:59 pm तक, फिर द्वितीया
पंचांग
पंडित जी से मिलान करने के लिए — समझना ज़रूरी नहीं
- तिथि
- कृष्ण प्रतिपदा 8:59 pm तक, फिर द्वितीया
- नक्षत्र
- उत्तर भाद्रपद 11:08 am तक, फिर रेवती
- योग
- वृद्धि 11:16 am तक, फिर ध्रुव
- करण
- बालव 9:42 am तक, फिर कौलव 8:59 pm तक, फिर तैतिल
- वार
- रविवार
- पक्ष · मास
- कृष्ण पक्ष · आश्विन · अमांत भाद्रपद
- संवत
- विक्रम संवत 2083 · शक संवत 1948
- राशि
- चन्द्र मीन · सूर्य कन्या
सूर्य, चन्द्र और मुहूर्त
सूर्य और चन्द्र
- सूर्योदय
- 6:03 am
- सूर्यास्त
- 6:07 pm
- चन्द्रोदय
- 6:33 pm
- चन्द्रास्त
- 6:20 am
मुहूर्त
- राहु काल
- 4:37 pm – 6:07 pm
- गुलिक काल
- 3:06 pm – 4:37 pm
- यमगण्ड
- 12:05 pm – 1:36 pm
- अभिजित मुहूर्त
- 11:41 am – 12:29 pm
- ब्रह्म मुहूर्त
- 4:28 am – 5:15 am
- दुर्मुहूर्त
- 4:31 pm – 5:19 pm
सवाल-जवाब4
- तिथि कौन-सी है?
- कृष्ण प्रतिपदा 8:59 pm तक, फिर द्वितीया
- नक्षत्र कौन-सा है?
- उत्तर भाद्रपद 11:08 am तक, फिर रेवती
- सूर्योदय और सूर्यास्त कब?
- 6:03 am · 6:07 pm
- राहु काल कब से कब तक है?
- 4:37 pm से 6:07 pm तक
आगे
कल का पंचांग — सोमवार, 28 सितंबर
तिथि कृष्ण द्वितीया 7:13 pm तक, फिर तृतीया
पंचांग
पंडित जी से मिलान करने के लिए — समझना ज़रूरी नहीं
- तिथि
- कृष्ण द्वितीया 7:13 pm तक, फिर तृतीया
- नक्षत्र
- रेवती 10:16 am तक, फिर अश्विनी
- योग
- ध्रुव 8:53 am तक, फिर व्याघात
- करण
- तैतिल 8:09 am तक, फिर गर 7:13 pm तक, फिर वणिज
- वार
- सोमवार
- पक्ष · मास
- कृष्ण पक्ष · आश्विन · अमांत भाद्रपद
- संवत
- विक्रम संवत 2083 · शक संवत 1948
- राशि
- चन्द्र मीन · सूर्य कन्या
सूर्य, चन्द्र और मुहूर्त
सूर्य और चन्द्र
- सूर्योदय
- 6:03 am
- सूर्यास्त
- 6:07 pm
- चन्द्रोदय
- 7:17 pm
- चन्द्रास्त
- 7:12 am
मुहूर्त
- राहु काल
- 7:33 am – 9:04 am
- गुलिक काल
- 1:35 pm – 3:06 pm
- यमगण्ड
- 10:34 am – 12:05 pm
- अभिजित मुहूर्त
- 11:41 am – 12:29 pm
- ब्रह्म मुहूर्त
- 4:27 am – 5:15 am
- दुर्मुहूर्त
- 12:29 pm – 1:17 pm
- दुर्मुहूर्त
- 2:54 pm – 3:42 pm
सवाल-जवाब4
- तिथि कौन-सी है?
- कृष्ण द्वितीया 7:13 pm तक, फिर तृतीया
- नक्षत्र कौन-सा है?
- रेवती 10:16 am तक, फिर अश्विनी
- सूर्योदय और सूर्यास्त कब?
- 6:03 am · 6:07 pm
- राहु काल कब से कब तक है?
- 7:33 am से 9:04 am तक
आगे
पंचांग — मंगलवार, 29 सितंबर
तिथि कृष्ण तृतीया 5:10 pm तक, फिर चतुर्थी
पंचांग
पंडित जी से मिलान करने के लिए — समझना ज़रूरी नहीं
- तिथि
- कृष्ण तृतीया 5:10 pm तक, फिर चतुर्थी
- नक्षत्र
- अश्विनी 9:03 am तक, फिर भरणी
- योग
- व्याघात 6:13 am तक, फिर हर्षण 3:20 am तक, फिर वज्र
- करण
- वणिज 6:14 am तक, फिर विष्टि (भद्रा) 5:10 pm तक, फिर बव 4:04 am तक, फिर बालव
- वार
- मंगलवार
- पक्ष · मास
- कृष्ण पक्ष · आश्विन · अमांत भाद्रपद
- संवत
- विक्रम संवत 2083 · शक संवत 1948
- राशि
- चन्द्र मेष · सूर्य कन्या
सूर्य, चन्द्र और मुहूर्त
सूर्य और चन्द्र
- सूर्योदय
- 6:03 am
- सूर्यास्त
- 6:06 pm
- चन्द्रोदय
- 8:06 pm
- चन्द्रास्त
- 8:08 am
मुहूर्त
- राहु काल
- 3:05 pm – 4:36 pm
- गुलिक काल
- 12:05 pm – 1:35 pm
- यमगण्ड
- 9:04 am – 10:34 am
- अभिजित मुहूर्त
- 11:40 am – 12:29 pm
- ब्रह्म मुहूर्त
- 4:27 am – 5:15 am
- दुर्मुहूर्त
- 8:28 am – 9:16 am
- दुर्मुहूर्त
- 12:29 pm – 1:17 pm
सवाल-जवाब4
- तिथि कौन-सी है?
- कृष्ण तृतीया 5:10 pm तक, फिर चतुर्थी
- नक्षत्र कौन-सा है?
- अश्विनी 9:03 am तक, फिर भरणी
- सूर्योदय और सूर्यास्त कब?
- 6:03 am · 6:06 pm
- राहु काल कब से कब तक है?
- 3:05 pm से 4:36 pm तक
आगे
पंचांग — बुधवार, 30 सितंबर
तिथि कृष्ण चतुर्थी 2:55 pm तक, फिर पंचमी
पंचांग
पंडित जी से मिलान करने के लिए — समझना ज़रूरी नहीं
- तिथि
- कृष्ण चतुर्थी 2:55 pm तक, फिर पंचमी
- नक्षत्र
- भरणी 7:36 am तक, फिर कृत्तिका 6:02 am तक, फिर रोहिणी
- योग
- वज्र 12:20 am तक, फिर सिद्धि
- करण
- बालव 2:55 pm तक, फिर कौलव 1:46 am तक, फिर तैतिल
- वार
- बुधवार
- पक्ष · मास
- कृष्ण पक्ष · आश्विन · अमांत भाद्रपद
- संवत
- विक्रम संवत 2083 · शक संवत 1948
- राशि
- चन्द्र मेष · सूर्य कन्या
सूर्य, चन्द्र और मुहूर्त
सूर्य और चन्द्र
- सूर्योदय
- 6:03 am
- सूर्यास्त
- 6:06 pm
- चन्द्रोदय
- 9:00 pm
- चन्द्रास्त
- 9:07 am
मुहूर्त
- राहु काल
- 12:04 pm – 1:35 pm
- गुलिक काल
- 10:34 am – 12:04 pm
- यमगण्ड
- 7:33 am – 9:04 am
- ब्रह्म मुहूर्त
- 4:27 am – 5:15 am
- दुर्मुहूर्त
- 11:40 am – 12:28 pm
सवाल-जवाब4
- तिथि कौन-सी है?
- कृष्ण चतुर्थी 2:55 pm तक, फिर पंचमी
- नक्षत्र कौन-सा है?
- भरणी 7:36 am तक, फिर कृत्तिका 6:02 am तक, फिर रोहिणी
- सूर्योदय और सूर्यास्त कब?
- 6:03 am · 6:06 pm
- राहु काल कब से कब तक है?
- 12:04 pm से 1:35 pm तक
आगे
पंचांग — गुरुवार, 1 अक्टूबर
तिथि कृष्ण पंचमी 12:35 pm तक, फिर षष्ठी
पंचांग
पंडित जी से मिलान करने के लिए — समझना ज़रूरी नहीं
- तिथि
- कृष्ण पंचमी 12:35 pm तक, फिर षष्ठी
- नक्षत्र
- रोहिणी 4:27 am तक, फिर मृगशिरा
- योग
- सिद्धि 9:18 pm तक, फिर व्यतीपात
- करण
- तैतिल 12:35 pm तक, फिर गर 11:25 pm तक, फिर वणिज
- वार
- गुरुवार
- पक्ष · मास
- कृष्ण पक्ष · आश्विन · अमांत भाद्रपद
- संवत
- विक्रम संवत 2083 · शक संवत 1948
- राशि
- चन्द्र वृषभ · सूर्य कन्या
सूर्य, चन्द्र और मुहूर्त
सूर्य और चन्द्र
- सूर्योदय
- 6:03 am
- सूर्यास्त
- 6:05 pm
- चन्द्रोदय
- 9:59 pm
- चन्द्रास्त
- 10:09 am
मुहूर्त
- राहु काल
- 1:34 pm – 3:04 pm
- गुलिक काल
- 9:03 am – 10:34 am
- यमगण्ड
- 6:03 am – 7:33 am
- अभिजित मुहूर्त
- 11:40 am – 12:28 pm
- ब्रह्म मुहूर्त
- 4:27 am – 5:15 am
- दुर्मुहूर्त
- 10:04 am – 10:52 am
- दुर्मुहूर्त
- 3:40 pm – 4:29 pm
सवाल-जवाब4
- तिथि कौन-सी है?
- कृष्ण पंचमी 12:35 pm तक, फिर षष्ठी
- नक्षत्र कौन-सा है?
- रोहिणी 4:27 am तक, फिर मृगशिरा
- सूर्योदय और सूर्यास्त कब?
- 6:03 am · 6:05 pm
- राहु काल कब से कब तक है?
- 1:34 pm से 3:04 pm तक
आगे
पंचांग — शुक्रवार, 2 अक्टूबर
तिथि कृष्ण षष्ठी 10:15 am तक, फिर सप्तमी
पंचांग
पंडित जी से मिलान करने के लिए — समझना ज़रूरी नहीं
- तिथि
- कृष्ण षष्ठी 10:15 am तक, फिर सप्तमी
- नक्षत्र
- मृगशिरा 2:55 am तक, फिर आर्द्रा
- योग
- व्यतीपात 6:17 pm तक, फिर वरीयान
- करण
- वणिज 10:15 am तक, फिर विष्टि (भद्रा) 9:07 pm तक, फिर बव
- वार
- शुक्रवार
- पक्ष · मास
- कृष्ण पक्ष · आश्विन · अमांत भाद्रपद
- संवत
- विक्रम संवत 2083 · शक संवत 1948
- राशि
- चन्द्र वृषभ · सूर्य कन्या
सूर्य, चन्द्र और मुहूर्त
सूर्य और चन्द्र
- सूर्योदय
- 6:03 am
- सूर्यास्त
- 6:04 pm
- चन्द्रोदय
- 11:01 pm
- चन्द्रास्त
- 11:13 am
मुहूर्त
- राहु काल
- 10:33 am – 12:04 pm
- गुलिक काल
- 7:33 am – 9:03 am
- यमगण्ड
- 3:04 pm – 4:34 pm
- अभिजित मुहूर्त
- 11:39 am – 12:28 pm
- ब्रह्म मुहूर्त
- 4:27 am – 5:15 am
- दुर्मुहूर्त
- 8:27 am – 9:15 am
- दुर्मुहूर्त
- 11:39 am – 12:28 pm
सवाल-जवाब4
- तिथि कौन-सी है?
- कृष्ण षष्ठी 10:15 am तक, फिर सप्तमी
- नक्षत्र कौन-सा है?
- मृगशिरा 2:55 am तक, फिर आर्द्रा
- सूर्योदय और सूर्यास्त कब?
- 6:03 am · 6:04 pm
- राहु काल कब से कब तक है?
- 10:33 am से 12:04 pm तक
आगे
पंचांग — शनिवार, 3 अक्टूबर
तिथि कृष्ण सप्तमी 8:00 am तक, फिर अष्टमी 5:52 am तक, फिर नवमी
पंचांग
पंडित जी से मिलान करने के लिए — समझना ज़रूरी नहीं
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी 8:00 am तक, फिर अष्टमी 5:52 am तक, फिर नवमी
- नक्षत्र
- आर्द्रा 1:29 am तक, फिर पुनर्वसु
- योग
- वरीयान 3:21 pm तक, फिर परिघ
- करण
- बव 8:00 am तक, फिर बालव 6:55 pm तक, फिर कौलव 5:52 am तक, फिर तैतिल
- वार
- शनिवार
- पक्ष · मास
- कृष्ण पक्ष · आश्विन · अमांत भाद्रपद
- संवत
- विक्रम संवत 2083 · शक संवत 1948
- राशि
- चन्द्र मिथुन · सूर्य कन्या
सूर्य, चन्द्र और मुहूर्त
सूर्य और चन्द्र
- सूर्योदय
- 6:03 am
- सूर्यास्त
- 6:04 pm
- चन्द्रोदय
- 12:05 am
- चन्द्रास्त
- 12:15 pm
मुहूर्त
- राहु काल
- 9:03 am – 10:33 am
- गुलिक काल
- 6:03 am – 7:33 am
- यमगण्ड
- 1:33 pm – 3:03 pm
- अभिजित मुहूर्त
- 11:39 am – 12:27 pm
- ब्रह्म मुहूर्त
- 4:27 am – 5:15 am
- दुर्मुहूर्त
- 6:51 am – 7:39 am
सवाल-जवाब4
- तिथि कौन-सी है?
- कृष्ण सप्तमी 8:00 am तक, फिर अष्टमी 5:52 am तक, फिर नवमी
- नक्षत्र कौन-सा है?
- आर्द्रा 1:29 am तक, फिर पुनर्वसु
- सूर्योदय और सूर्यास्त कब?
- 6:03 am · 6:04 pm
- राहु काल कब से कब तक है?
- 9:03 am से 10:33 am तक
इस हफ़्ते
| तिथि | राहु काल | |
|---|---|---|
| 27 सितंबररविवार | कृष्ण प्रतिपदा | 4:37 pm – 6:07 pm |
| 28 सितंबरसोमवार | कृष्ण द्वितीया | 7:33 am – 9:04 am |
| 29 सितंबरमंगलवार | कृष्ण तृतीया | 3:05 pm – 4:36 pm |
| 30 सितंबरबुधवार | कृष्ण चतुर्थी | 12:04 pm – 1:35 pm |
| 1 अक्टूबरगुरुवार | कृष्ण पंचमी | 1:34 pm – 3:04 pm |
| 2 अक्टूबरशुक्रवार | कृष्ण षष्ठी | 10:33 am – 12:04 pm |
| 3 अक्टूबरशनिवार | कृष्ण सप्तमी | 9:03 am – 10:33 am |
आने वाले व्रत-त्योहार
| पितृ पक्ष आरम्भपर्व | आज |
| संकष्टी चतुर्थीमासिक | 29 सितंबर |
| इंदिरा एकादशीएकादशी | 6 अक्टूबर |
| मासिक शिवरात्रिमासिक | 8 अक्टूबर |
और जानकारी
शुभदिन ऐप जल्द आ रहा है — व्रत की याद दिलाने और होम-स्क्रीन विजेट के साथ
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, समुद्र-तल क्षितिज पर, शुभदिन के अपने इंजन से गिना हुआ। कोई अनुमान नहीं। तरीक़ा ›